अट्ठाईसवाँ अध्याय श्रावण महात्म्य
अट्ठाईसवाँ अध्याय श्रावण महात्म्य ईश्वर ने कहा- इसके बाद अगस्त्य विधि को कहूँगा । हे वैधात्र ! जिसके करने मात्र से मनुष्य सब इच्छाओं को प्राप्त कर लेता है, अगस्त्य सूर्यदय से पहले ही समय का निश्चय करे। सात रात उदय हो जाने में अवशिष्ट हो तो पहले सात रात पूर्व से प्रतिदिन अर्घ्य दे … Read more