जग जननी पहाड़ों वाली माँ लिरिक्स – नरेंद्र चंचल

जग जननी पहाड़ों वाली माँमईया हमें न बिसारियो, चाहे लाख भक्त मिल जाहीं हम सम तुम को बहुत माँ। तुम सम हमको नाहीं।। भक्तों की लाज रखो माँ भवानी मेरे घर आजा तेरी मेहरबानी-2 जग जननी पहाड़ों वाली माँ कभी भक्तों के घर आ जाओ-2 अपने ही दिए हुए अन्न जल का कभी खुद ही … Read more

सारी सारी रात जगराते में जोत जगी लिरिक्स

सारी सारी रात जगराते में है ज्योत जगी-2जाग पड़े मेरे ये नसीबमाँ अम्बिके जाग पड़े मेरे ये नसीब-2 मुदतो से जिन्दगी ने चैन पाया-2 आई मईया घड़ी ये अजीब माँ अम्बिके जाग पड़े मेरे ये नसीब-2 जब से माँ अखियों में छाया तेरा नूर हैदुखों का अन्धेरा सब हो गया दूर है-2 आत्मा की पल … Read more