जग जननी पहाड़ों वाली माँ लिरिक्स – नरेंद्र चंचल
जग जननी पहाड़ों वाली माँमईया हमें न बिसारियो, चाहे लाख भक्त मिल जाहीं हम सम तुम को बहुत माँ। तुम सम हमको नाहीं।। भक्तों की लाज रखो माँ भवानी मेरे घर आजा तेरी मेहरबानी-2 जग जननी पहाड़ों वाली माँ कभी भक्तों के घर आ जाओ-2 अपने ही दिए हुए अन्न जल का कभी खुद ही … Read more