
ओ मेरी माँ तुम्हारे दर पे रोज आयेंगे
ओ मेरी माँ ओ मेरी माँ
ओ मेरी माँ ओ मेरी माँ
तुम्हारे दर पे रोज आयेंगे
स्विकार है हमें
ओ मेरी माँ ओ मेरी माँ
घोर अँधेरा है माँ सुना ये जीवन
तेरी कृपा से माँ सुलझे सब उलझन
ओ मेरी माँ ओ मेरी माँ
तुम्हारे दर पे शीश झुकायेंगे
अधिकार है हमें
ओ मेरी माँ ओ मेरी माँ
माँ की ममता को कभी भुलाना पाएंगे
बैठ के चरणों में महिमा गायेंगे
ओ मेरी माँ ओ मेरी माँ
मेरे हृदय का बाग खिला नाकोड़ा दरबार मिला लिरिक्स
सारे जग में मैय्या सा दरबार नहीं मैय्या जैसा कोई लिरिक्स
- जाईं वे कबूतरा जाईं वे लिरिक्स – नरेंद्र चंचल
- रुत झोलियां भरण दी आई लिरिक्स
- जग जननी पहाड़ों वाली माँ लिरिक्स – नरेंद्र चंचल
- सारी सारी रात जगराते में जोत जगी लिरिक्स
- बड़ी लीला सुनी तेरे भवनों की लिरिक्स