शिव भजन – देवाधिदेव महादेव | हंसराज रघुवंशी
काया माटी की मेरी
इसकी क्या ही जात
दो पल के जीवन भोले
क्या ही है औकात
मैं रसिक हूं तेरे नाम का
ये दुनिया बस एक भीड़
मेरे जीवन का मोक्ष है
बाबा तेरी दीद
ॐ देवाधिदेव महादेव रे
बस कर दे एक उपकार रे
तेरे दरस पाने को मेरी अँखियाँ
तरसी है दिन रात रे
ॐ देवाधिदेव
था ना कुछ भी पास मेरे
सब दिया तूने मुझे
था ना कुछ भी पास मेरे
सब दिया तूने मुझे
जाने कितने रूप लेके
थामा मेरा हाथ रे
ॐ देवाधिदेव महादेव रे
बस कर दे एक उपकार रे
तेरे दरस पाने को मेरी अँखियाँ
तरसी है दिन रात रे
ॐ देवाधिदेव
बन जाती है बड़ी मेरी
केवल जिनके नाम से
हे अविनाशी सबके स्वामी
मेरे भोलेनाथ हैं
है जल थल में हर अम्बर में
हर नाथ में, हर स्वर में
मेरे आज मेरे कल में
शामिल मेरे हर पल में
दुनिया वाले क्या समझेंगे
तुझसे मेरी प्रीत
मेरे जीवन का मोक्ष है
बाबा तेरी दीद
ॐ देवाधिदेव महादेव रे
बस कर दे एक उपकार रे
तेरे दरस पाने को तरसे अँखियाँ
मेरी बाबाजी
ॐ देवाधिदेव महादेव रे
ॐ देवाधिदेव महादेव रे
शिवोहम शिवोहम लिरिक्स | Shivoham Shivoham
मुझे लेके चलो ना भोले की सवारी में
हर रात्रि शिवरात्रि है लिरिक्स
लक्खा तारे तू सानू क्यों ना तारेया लिरिक्स
सोहनी सोहनी मुरली बजा सांवरे लिरिक्स
