
माँ बमलेश्वरी ने बनवाया सुन्दर उड़न खटोला
सीढिया चढ़ी ना जाये जिन से
दुखी जिनका चोला
माँ विमले ने उन भक्तो के
दिल का दर्द टटोला
क्या किया माँ बमलेश्वरी ने
उड़न खटोला उड़न खटोला
माँ बमलेश्वरी ने बनवाया
सुन्दर उड़न खटोला
लाये ले जाये दर्शन कराये
मैया का अलबेला रे
माँ बमलेश्वरी ने बनवाया
सुन्दर उड़न खटोला
जिनसे रस्ता चला ना जाये
माता के पर्वत का
माँ ने खोल दिया दरवाजा
उन सब की किस्मत का
माता का वरदान है भक्तो
आनो का अनमोला रे
माँ बमलेश्वरी ने बनवाया
सुन्दर उड़न खटोला
ये कितनी अनमोल दौलते
माँ है कितनी प्यारी
आते जाते देखो धरती
स्वर्ग से लगती न्यारी
झूले में बैठा जो झुमके
जय माता दी बोला रे
माँ बमलेश्वरी ने बनवाया
सुंदर उड़न खटोला
लाये ले जाये दर्शन कराये
मैय्या का अलबेला रे
माँ बमलेश्वरी ने बनवाया
सुंदर उड़न खटोला
मेरे हृदय का बाग खिला नाकोड़ा दरबार मिला लिरिक्स
सारे जग में मैय्या सा दरबार नहीं मैय्या जैसा कोई लिरिक्स
- फड़ के ना छड्डी मेरी बांह सांवरे लिरिक्स
- जाईं वे कबूतरा जाईं वे लिरिक्स – नरेंद्र चंचल
- रुत झोलियां भरण दी आई लिरिक्स
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- सारी सारी रात जगराते में जोत जगी लिरिक्स