मैया अमरकंट वाली तुम हो मा भोली भाली
मैया अमरकंट वाली तुम हो मा भोली
भाली तेरे गुण गाते है साधु मा बजा बजा के ताली
भूरे मगर पर कीन्ही सवारी हाथ कमल का फूल
सबको देती रिद्धि सिद्धि हमे गई क्यो भूल
नही हमारा कुटुम कबीला नही मात और तात
हम तो आए शरण तिहारी शरण पड़े की लाज
निर्धनियो को धन देती मा अज्ञानी को ज्ञान
अभिमानी का मान मिटाती खोती नाम निशान
लाखी पापी तुमने तारे लगी ना पल की देर
अब तो मैया मेरी बारी ई कहा लगाई देर
साधु साध्वी चल रहे है विहार यात्रा में रोड पर
मैने सौंपी है जीवन की नैया तेरे हाथ लिरिक्स
- जाईं वे कबूतरा जाईं वे लिरिक्स – नरेंद्र चंचल
- रुत झोलियां भरण दी आई लिरिक्स
- जग जननी पहाड़ों वाली माँ लिरिक्स – नरेंद्र चंचल
- सारी सारी रात जगराते में जोत जगी लिरिक्स
- बड़ी लीला सुनी तेरे भवनों की लिरिक्स