
रंग बरसे दरबार मैया जी तेरे रंग बरसे
रंग बरसे, रंग बरसे दरबार मैया जी तेरे रंग बरसे ।
उचेया पहाडा दिया ठंडिया हवावा,
सुरगा नु जांदिया ने मंदिरा चो राहवा ।
भागता दा करदी उद्धार, मैया जी तेरे रंग बरसे ॥
उचेया पहाडा विच भक्ता दी टोली,
रेहमता दे बैठी ए द्वार दाती खोली ।
मांग के ता देख इक वार, मैया जी तेरे रंग बरसे ॥
उचेया पहाडा विच बदला दे टुकड़े,
जेहडा वि सुनावे दाती सुनदी है दुखड़े ।
कटदी कलेश हजार, मैया जी तेरे रंग बरसे ॥
उचेया पहाडा विच फुल रंग रंग दे,
दें वाली इक है ते लख्खां लोकी मंगदे ।
फेर वी ना मुकदे भण्डार, मैया जी तेरे रंग बरसे ॥
मेरे हृदय का बाग खिला नाकोड़ा दरबार मिला लिरिक्स
सारे जग में मैय्या सा दरबार नहीं मैय्या जैसा कोई लिरिक्स
- जाईं वे कबूतरा जाईं वे लिरिक्स – नरेंद्र चंचल
- रुत झोलियां भरण दी आई लिरिक्स
- जग जननी पहाड़ों वाली माँ लिरिक्स – नरेंद्र चंचल
- सारी सारी रात जगराते में जोत जगी लिरिक्स
- बड़ी लीला सुनी तेरे भवनों की लिरिक्स