
तुने मुझे बुलाया शेरावालिये मैं आया मैं आया शेरा
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये,
मैं आया मैं आया शेरा वालिये।
ज्योता वालिये, पहाड़ा वालिये,
मेहरा वालिये ॥
सारा जग है इक बंजारा,
सब की मंजिल तेरा द्वारा।
ऊँचे परबत लम्बा रास्ता,
पर मैं रह ना पाया, शेरा वालिये ॥
सूने मन में जल गयी बाती,
तेरे पथ में मिल गए साथी।
मुंह खोलूं क्या तुझ से मांगू,
बिन मांगे सब पाया, शेरा वालिये ॥
कौन है राजा, कौन भिखारी,
एक बराबर तेरे सारे पुजारी।
तुने सब को दर्शन देके,
अपने गले लगाया, शेरा वालिये ॥
मेरे हृदय का बाग खिला नाकोड़ा दरबार मिला लिरिक्स
सारे जग में मैय्या सा दरबार नहीं मैय्या जैसा कोई लिरिक्स
- जाईं वे कबूतरा जाईं वे लिरिक्स – नरेंद्र चंचल
- रुत झोलियां भरण दी आई लिरिक्स
- जग जननी पहाड़ों वाली माँ लिरिक्स – नरेंद्र चंचल
- सारी सारी रात जगराते में जोत जगी लिरिक्स
- बड़ी लीला सुनी तेरे भवनों की लिरिक्स